सहारनपुर : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत सोमवार को सहारनपुर कलेक्ट्रेट पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर रोकने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पोस्टर को लेकर हुई खींचतान में एक पुलिसकर्मी के सड़क पर गिरने की बात सामने आई। वहीं, धक्का-मुक्की के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा का कुर्ता फट गया। स्थिति बिगड़ने पर कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।

कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 28 सितंबर को देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। इसी कार्यक्रम के तहत सहारनपुर में कांग्रेस पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
कांग्रेस कार्यकर्ता जैसे ही कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस की ओर से पोस्टर को विवादित बताते हुए उसे कब्जे में लेने का प्रयास किया गया। इसी बात को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते पोस्टर को लेकर दोनों पक्षों में खींचतान होने लगी। इसी दौरान पोस्टर फट गया और एक पुलिसकर्मी के सड़क पर गिरने की बात सामने आई।
इसके बाद मौके पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। धक्का-मुक्की में कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा समेत कुछ अन्य नेताओं के कपड़े फट गए। जिलाध्यक्ष का कुर्ता फटने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश बढ़ गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने ही प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पोस्टर जलाने का प्रयास भी किया गया। पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की। इस दौरान काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच खींचतान और नोकझोंक होती रही। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक कांग्रेस नेता ने पुलिसकर्मी को धक्का दिया। इसके बाद मौके पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
हंगामे को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद करा दिया। किसी भी प्रदर्शनकारी को परिसर के अंदर जाने से रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी गेट खोलकर अंदर जाने का प्रयास करते रहे। इसी दौरान कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी कलेक्ट्रेट के गेट पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें भी रोकने का प्रयास किया, जिससे मौके पर तनाव और बढ़ गया।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मनीष त्यागी समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जारी रखा। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप राणा का कहना है कि पार्टी का प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल उठे हैं। इन्हीं मुद्दों को लेकर पार्टी ने देशभर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।
वहीं, पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को रोकने की बात कही गई है। पोस्टर को लेकर हुई खींचतान और धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस और कांग्रेस नेताओं की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रहा। हंगामे के चलते कुछ समय तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान पोस्टर फटने, पुलिसकर्मी के गिरने और कांग्रेस जिलाध्यक्ष का कुर्ता फटने की घटना के बाद सहारनपुर का यह प्रदर्शन राजनीतिक विरोध के साथ-साथ पुलिस-कांग्रेस आमने-सामने आने को लेकर भी चर्चा में रहा।

