फरीदाबाद : सूरजकुंड की ऐतिहासिक धरती रविवार को नशामुक्ति, फिटनेस और सामाजिक जागरूकता के संदेश से गूंज उठी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘नशा-मुक्त हरियाणा फरीदाबाद नमो मैराथन-2026’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजन में 1 लाख 35 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया। युवाओं से लेकर महिलाओं, विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और बुजुर्गों तक ने अलग-अलग श्रेणियों में दौड़ लगाकर नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फरीदाबाद से नशे के खिलाफ हरियाणा की सामूहिक आवाज उठी है। मैराथन में आगे बढ़ रहे प्रतिभागियों के कदम केवल सड़क पर दौड़ नहीं रहे, बल्कि नशे के खिलाफ सामाजिक चेतना और संकल्प को आगे ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन एक दिन की दौड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशे के खिलाफ जागरूक करना है।
सरकार या पुलिस नहीं, हर घर की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। यह हर परिवार, स्कूल और गांव की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करने और उनकी गतिविधियों पर सकारात्मक तरीके से ध्यान देने का आग्रह किया।
उन्होंने युवाओं से नशे को दृढ़ता से ‘ना’ कहने की अपील करते हुए कहा कि हरियाणा की पहचान मेहनत, खेल, पसीने और पराक्रम से है। प्रदेश का युवा नशे के कारण नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण से पहचाना जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके सपनों को भी प्रभावित करता है। इसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को खेल, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाने का आह्वान किया।
21.1, 10 और 5 किलोमीटर की दौड़
नमो मैराथन में प्रतिभागियों के लिए 21.1 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की अलग-अलग श्रेणियां रखी गई थीं। आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। युवा पूरे उत्साह के साथ दौड़ में शामिल हुए, वहीं महिलाओं और बुजुर्गों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।
मैराथन की खास बात यह रही कि प्रतिभागियों की उम्र, क्षमता और दौड़ की दूरी अलग-अलग थी, लेकिन सभी का संदेश एक था- नशामुक्त हरियाणा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने सूरजकुंड को नशामुक्ति के सामूहिक संकल्प के मंच में बदल दिया।
21.1 किलोमीटर में प्रशांत चौधरी रहे विजेता
मैराथन की विभिन्न स्पर्धाओं में प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया। 21.1 किलोमीटर पुरुष वर्ग में प्रशांत चौधरी ने पहला स्थान हासिल किया। विक्रम सिंह प्रथम रनर-अप और अनुज मीणा द्वितीय रनर-अप रहे। वहीं 21.1 किलोमीटर महिला वर्ग में सोनिका विजेता रहीं। मानव राणा ने प्रथम रनर-अप और भूमिका ने द्वितीय रनर-अप स्थान हासिल किया।
10 किलोमीटर पुरुष वर्ग में रोहित कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गौरव प्रथम रनर-अप और निशांत करहाना द्वितीय रनर-अप रहे। 10 किलोमीटर महिला वर्ग में नीरू रानी विजेता बनीं। सोनिया उपाध्याय प्रथम रनर-अप और रीमा पटेल द्वितीय रनर-अप रहीं।
मुख्यमंत्री ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी संख्या में मौजूद प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। लोगों ने संकल्प लिया कि वे खुद नशे से दूर रहेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी नशे से बचाने के लिए जागरूक करेंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह भी बढ़ाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देना जरूरी है। खेल और स्वस्थ जीवनशैली युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश
नमो मैराथन ने नशामुक्ति के साथ-साथ फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी दिया। अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। युवाओं का उत्साह, महिलाओं की भागीदारी और बुजुर्गों की सक्रिय मौजूदगी आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में रही।
मैराथन के माध्यम से लोगों ने नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। आयोजन में शामिल प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने का संकल्प भी लिया।
विपुल गोयल बोले- नशे के खिलाफ जारी है अभियान
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी मैराथन में लोगों की बड़ी भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लोगों में आयोजन को लेकर काफी उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता की बात कही।
उन्होंने कहा कि मैराथन जैसे आयोजनों के जरिए नशे से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
‘नशामुक्त हरियाणा हमारा संकल्प’
मुख्यमंत्री ने सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि न खुद नशा करेंगे और न किसी को करने देंगे। युवा शक्ति को नशे में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशामुक्त हरियाणा संकल्प है, स्वस्थ हरियाणा पहचान है और विकसित भारत लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद से उठी नशामुक्ति की आवाज हरियाणा के प्रत्येक जिले, गांव और घर तक पहुंचे, यही इस आयोजन की वास्तविक सफलता होगी।
‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गूंजा सूरजकुंड
मैराथन के दौरान सूरजकुंड परिसर में देशभक्ति का माहौल भी देखने को मिला। ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से आयोजन स्थल गूंज उठा। बड़ी संख्या में प्रतिभागी एक साथ दौड़ते नजर आए और उनके हाथों में नशामुक्त समाज तथा स्वस्थ जीवन का संदेश दिखाई दिया।
1.35 लाख से अधिक पंजीकरण और विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इस आयोजन को बड़े जनसहभागिता वाले कार्यक्रम का स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैराथन से निकला संदेश आने वाले समय में भी लोगों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करता रहेगा।

