सहारनपुर : सावन माह में हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा के लिए सहारनपुर में जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, शीतल जल, चिकित्सा, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। शनिवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक कांवड़ सेवा शिविर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं भी शिवभक्त कांवड़ियों की सेवा की और उन्हें जलपान व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं। कांवड़ सेवा शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस समर्थक मौजूद रहे। शिविर में पहुंचने वाले कांवड़ियों का पुष्प वर्षा और स्वागत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। सांसद इमरान मसूद ने शिवभक्तों से मुलाकात कर उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ली और उनकी कुशलक्षेम भी पूछी।
इस अवसर पर सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सहारनपुर की सबसे बड़ी पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारा है। यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सेवा शिविरों में आना, शिवभक्तों का स्वागत करना और उनकी सेवा करना वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसे सभी लोग मिलकर निभाते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार से हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेकर लंबी दूरी तय करते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। इस दौरान उन्हें तेज धूप, गर्मी और थकान जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में समाज के लोगों का यह दायित्व बनता है कि वे उनकी हर संभव सहायता करें। उन्होंने कहा कि सेवा का भाव किसी धर्म या जाति से नहीं जुड़ा होता, बल्कि यह इंसानियत और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।
सांसद ने कहा कि हिंदू समुदाय की भगवान भोलेनाथ में अटूट आस्था है। कई श्रद्धालु नंगे पैर सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करते हैं और कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी श्रद्धा का परिचय देते हैं। उनकी इस आस्था में थोड़ा-सा सहयोग करना भी पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के लोग मिलकर श्रद्धालुओं की सेवा करें तो यह सामाजिक एकता और भाईचारे का सबसे बड़ा संदेश होता है। इमरान मसूद ने कहा कि सहारनपुर में वर्षों से सभी समुदायों के लोग मिलकर कांवड़ यात्रा को सफल बनाने में सहयोग करते रहे हैं। यही परंपरा इस जिले की पहचान है। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुस्लिम समाज के लोग मिलकर कांवड़ सेवा शिविरों का संचालन करते हैं, जिससे आपसी सौहार्द और विश्वास और अधिक मजबूत होता है। उन्होंने लोगों से इस परंपरा को आगे भी बनाए रखने की अपील की।
कांवड़ सेवा शिविर में श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध पेयजल, भोजन, फल, प्राथमिक उपचार और विश्राम की विशेष व्यवस्था की गई थी। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ कांवड़ियों की सेवा में जुटे रहे। शिविर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आयोजकों के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान इस तरह की व्यवस्थाएं उन्हें काफी राहत प्रदान करती हैं। सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा को लेकर पूरे जिले में धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। प्रशासन भी सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है, जबकि सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग सेवा शिविरों के माध्यम से शिवभक्तों की सेवा में लगातार योगदान दे रहे हैं। सांसद इमरान मसूद की इस पहल को भी सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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