वंदे मातरम् पर सियासत ठीक नहीं: मायावती ने कहा- बेरोजगारी, शिक्षा और बाढ़ जैसे मुद्दों पर हो ध्यान

Mayawati claims BSP's return with ballot paper

लखनऊ : राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन को लेकर देश में जारी राजनीतिक विवाद के बीच बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वंदे मातरम् के मुद्दे पर चल रही राजनीति को उचित नहीं बताया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों से देश और जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की है।

वंदे मातरम् को पूरा गाने या केवल शुरुआती दो छंद गाने को लेकर इन दिनों भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान जारी है। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में कानून बनाए जाने के बाद यह विवाद और गहरा गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले पर पूरे वंदे मातरम् का गायन हुआ। इसके बाद दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर सामने आए घटनाक्रम ने राजनीतिक विवाद को हवा दे दी।

कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के शुरुआती दो छंद पूरे होने के बाद आगे के छंद गाए जाने लगे। इस दौरान सोनिया गांधी की प्रतिक्रिया से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़ दिया। वहीं कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी का वंदे मातरम् को लेकर अपना स्पष्ट और ऐतिहासिक रुख है।

बसपा प्रमुख मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में इस समय वंदे मातरम् को पूरा गाने, केवल दो छंद गाने या नहीं गाने को लेकर जो राजनीति हो रही है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक दल अपने हितों और प्राथमिकताओं के अनुसार कानूनों और नीतियों में बदलाव करते रहते हैं।

मायावती ने कहा कि वर्तमान समय में देश के सामने इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं। उन्होंने बेरोजगार युवाओं, छात्र-छात्राओं, नई पीढ़ी की शिक्षा और भविष्य से जुड़े सवालों को प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।

उन्होंने देश के कुछ हिस्सों में आई भीषण बाढ़ और उससे हो रही जान-माल की हानि पर भी चिंता जताई। मायावती के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों को राहत, बचाव और प्रभावित लोगों की मदद पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को राजनीतिक विवादों में उलझने के बजाय जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने खासतौर पर युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों की समस्याओं को वर्तमान समय की बड़ी चुनौतियां बताया।

वंदे मातरम् को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच मायावती का बयान अलग राजनीतिक रुख के रूप में देखा जा रहा है। उनका साफ कहना है कि देशहित और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देना ही वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

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