राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह किसी एक धर्म, जाति, महिला या पुरुष का विरोध नहीं, बल्कि लोगों की साझा आवाज है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इस आवाज के खिलाफ खड़े होने के बजाय लोगों की बात सुननी चाहिए।
‘डंडे का प्रतीकात्मक जवाब बांसुरी है’
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने बांसुरी वादक समर को मीडिया के सामने पेश किया। उन्होंने बांसुरी को डंडे का प्रतीकात्मक जवाब बताया। समर ने बांसुरी पर ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ भजन बजाया।
समर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया और सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों को धमकाया गया और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। समर के अनुसार, उनके पास घटना से जुड़े वीडियो मौजूद हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छात्रा ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने एक छात्रा को भी मीडिया के सामने पेश किया, जो राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़ी बताई गई। राहुल ने उसे ‘शेरनी’ कहकर संबोधित किया। छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने उसे घसीटा और थाने ले जाने के बाद कमरे में उसके साथ मारपीट की गई। उसने महिला पुलिसकर्मी का नाम चंचल यादव बताया। छात्रा ने यह भी दावा किया कि मारपीट के कारण उसके पैरों पर चोट के निशान पड़ गए और शरीर के संवेदनशील हिस्सों में भी चोट पहुंची। इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के पास जो भी वीडियो या अन्य साक्ष्य हैं, वे उन्हें उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि मामले के समाप्त होने के बाद इन सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की मांग किसी पद या व्यक्ति के आधार पर नहीं, बल्कि जिम्मेदारी के आधार पर होनी चाहिए।
जंतर-मंतर को लेकर राहुल गांधी का ऐलान
राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और उसे वापस लिया जाएगा। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फहराने को अपराध मानने पर सवाल उठाया। उनके मुताबिक, संवैधानिक अधिकारों की मांग करने वाले युवाओं को जेल भेजना गलत है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग बैनर के तहत होने वाले विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य एक ही है—अपने अधिकारों की मांग करना। राहुल ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार मिलना चाहिए।
हिरासत को लेकर विवाद
इससे पहले मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति बैरिकेड पार किए, जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रवेश किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया गया।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर अनुमति और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। राहुल गांधी ने जहां कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं प्रदर्शन की अनुमति और बैरिकेड पार करने से जुड़े आरोप भी मामले का हिस्सा हैं। फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए पुलिस दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

