हरियाणा : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बागवानी क्षेत्र को आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक शोध से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए घोषणा की है कि पोस्ट हार्वेस्ट प्रबंधन, पौध कीट नियंत्रण और पौध रोगों जैसे नए विषयों पर मास्टर डिग्री तथा पीएचडी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कोर्सों के माध्यम से बागवानी क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों को वैज्ञानिक अनुसंधान का सीधा लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को 14 हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटर समर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ये सेंटर किसानों तक नवीनतम तकनीकों, गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसानों को आधुनिक खेती के तरीके, फसल प्रबंधन और बागवानी से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी उत्पादकता और आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार कृषि और बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी और आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है, ताकि खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए शोध आधारित पाठ्यक्रमों और हॉर्टिकल्चर साइंस सेंटरों के माध्यम से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही प्रदेश में बागवानी क्षेत्र का तेजी से विकास होगा और किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों का सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

