हिसार में फिर खुली हरियाणा कांग्रेस की अंदरूनी कलह, जयप्रकाश के समर्थन में उतरे सूरा तो घोड़ेला ने साधा निशाना

Haryana Congress Internal Conflict

हिसार : हरियाणा कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के बाद से जारी अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। हिसार के बरवाला में कांग्रेस नेताओं के बीच सांसद जयप्रकाश (जेपी) को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ पूर्व जिला परिषद चेयरमैन डॉ. राजेंद्र सूरा ने जयप्रकाश का बचाव करते हुए पार्टी के कुछ नेताओं पर निशाना साधा है, तो दूसरी तरफ बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने जयप्रकाश पर लगाए जा रहे आरोपों को सही बताते हुए उन्हें जवाब देने की सलाह दी है।

जयप्रकाश और कांग्रेस के कुछ नेताओं के बीच हाल के दिनों में सार्वजनिक बयानबाजी पहले भी सामने आ चुकी है। सितंबर में भिवानी के बवानीखेड़ा में कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान जयप्रकाश और पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी के बीच भी तीखी जुबानी जंग सामने आई थी।

‘असली और नकली कांग्रेसी’ पर छिड़ी बहस

पूर्व जिला परिषद चेयरमैन डॉ. राजेंद्र सूरा ने कांग्रेस में चल रही ‘असली और नकली कांग्रेसी’ की बहस पर कहा कि इसका फैसला कोई नेता नहीं, बल्कि जनता करती है। उन्होंने जयप्रकाश के राजनीतिक कद का उल्लेख करते हुए कहा कि वह चार बार सांसद रह चुके हैं और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं।

सूरा ने जयप्रकाश के खिलाफ बयान देने वाले कांग्रेस नेताओं कुलदीप शर्मा और रामकिशन फौजी पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि जिन नेताओं को जनता पहले चुनावों में नकार चुकी है, उन्हें दूसरे नेताओं पर सवाल उठाने के बजाय अपनी राजनीतिक कमियों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, सूरा के इन बयानों ने पार्टी के भीतर चल रही बहस को शांत करने के बजाय उसे और चर्चा में ला दिया है।

घोड़ेला ने जेपी को जवाब देने की दी नसीहत

बरवाला के पूर्व विधायक रामनिवास घोड़ेला ने कुलदीप शर्मा और रामकिशन फौजी की ओर से जयप्रकाश को लेकर की गई टिप्पणियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने जयप्रकाश के बारे में जो कहा है, उस पर सांसद को जवाब देना चाहिए।

घोड़ेला ने जयप्रकाश के राजनीतिक सफर का हवाला देते हुए उनके अलग-अलग राजनीतिक दलों में रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जयप्रकाश लोकदल और हविपा में रहे, निर्दलीय चुनाव भी लड़ा और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। घोड़ेला ने इसी राजनीतिक इतिहास को आधार बनाकर उनके पुराने फैसलों पर सवाल उठाए।

सूरा ने घोड़ेला को भी घेरा

जयप्रकाश के समर्थन में उतरे राजेंद्र सूरा ने रामनिवास घोड़ेला पर भी पलटवार किया। उन्होंने घोड़ेला के पुराने चुनावी फैसलों का जिक्र करते हुए उन्हें ही ‘नकली’ कांग्रेसी करार दिया। सूरा का आरोप है कि कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने के बाद घोड़ेला ने बगावत कर बरवाला से चुनाव लड़ा था। हालांकि यह सूरा का राजनीतिक आरोप है, जिसे घोड़ेला ने अपने बयान में अलग तरीके से रखा है। घोड़ेला 2024 में कांग्रेस के टिकट पर बरवाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में थे।

पोस्टर विवाद ने बढ़ाई संगठन पर बहस

कांग्रेस के भीतर चल रही बयानबाजी के बीच पोस्टर विवाद भी चर्चा में है। घोड़ेला ने पार्टी में वरिष्ठ नेताओं के पोस्टर नहीं लगाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि संगठन में एक स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए और सभी नेताओं के पद और राजनीतिक योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को आपस में लड़ने के बजाय किसानों, मजदूरों और आम लोगों के मुद्दे उठाने चाहिए। उनके मुताबिक पार्टी के भीतर चल रही खींचतान से संगठनात्मक मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।

नेतृत्व और संगठन पर उठ रहे सवाल

हिसार में सामने आया विवाद महज दो-चार नेताओं की बयानबाजी तक सीमित नहीं दिखाई देता। ‘असली-नकली कांग्रेसी’, टिकट, पोस्टर, नेतृत्व और पुराने राजनीतिक फैसलों को लेकर जिस तरह सार्वजनिक बयान सामने आ रहे हैं, उससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद फिर चर्चा में हैं। हालांकि कांग्रेस ने 2026 में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं और हिसार समेत कई क्षेत्रों में नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां की गई हैं।

अब चुनौती यह है कि स्थानीय स्तर की यह बयानबाजी पार्टी के व्यापक संगठनात्मक अभियान पर कितना असर डालती है। एक तरफ जयप्रकाश समर्थक नेता उनके राजनीतिक कद और वरिष्ठता का बचाव कर रहे हैं, वहीं विरोधी नेता उनके पुराने राजनीतिक फैसलों और नेतृत्व शैली पर सवाल उठा रहे हैं।

हिसार की यह जुबानी जंग फिलहाल थमती नजर नहीं आ रही। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अलग-अलग खेमों से सामने आ रही आवाजों को किस तरह संगठनात्मक मंच पर समेटा जाए और सार्वजनिक टकराव को सीमित रखा जाए।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts