सहारनपुर : एक्टर रणवीर सिंह की आने वाली फ़िल्म धुरंधर: द रिवेंज की रिलीज से पहले अनोखी बहस छिड़ गई है। फिल्म में जहां नोट बंदी मास्टर स्ट्रोक दिखाया गया है वहीं सपा नेता माफिया अतीक अहमद का किरदार भी दिखाया गया है। जिसको लेकर सियासी गलियारों में नया विवाद भी खड़ा हो गया। सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस फ़िल्म को “बकवास” बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि “इस फ़िल्म को कौन देखेगा, और असल में इस पर कौन यकीन करेगा?”
रणवीर सिंह की इस फिल्म को लेकर सपा के पूर्व सांसद S.T. हसन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आज तक जांच एजेंसियों और पुलिस ने ऐसा कोई खुलासा नहीं किया है कि अतीक के पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी, ISI से कोई संबंध थे या नहीं। ऐसे में यह फ़िल्म में जो दिखाया गया है उसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।”
कॉंग्रेस सांसद इमरान मसूद ने फिल्म को लेकर कहा कि “नोटबंदी कोई मास्टरस्ट्रोक नहीं थी।” उन्होंने तर्क दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के ज़रिए देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी। जबकि फ़िल्म में इसे एक रणनीतिक जीत के तौर पर दिखाया गया है। “नोटबंदी कोई मास्टरस्ट्रोक नहीं थी बल्कि एक ऐसा फ़ैसला था जिससे देश को नुकसान पहुँचा। जिन फ़ैसलों की राहुल गांधी ने आलोचना की थी वे अब सही साबित हो रहे हैं।

