अयोध्या : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर दान गबन के आरोपों को लेकर चल रही चर्चाओं पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई ठोस दस्तावेज या साक्ष्य हैं तो उन्हें विशेष जांच दल (SIT) को सौंप देना चाहिए। जांच पूरी होने दीजिए, रिपोर्ट आते ही “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कोई दोषी पाया गया तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रुदौली विधानसभा क्षेत्र में वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण और 126 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा।
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से अयोध्या और राम जन्मभूमि को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने राम भक्तों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक प्रचार के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्वयं ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच गठित की है और जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी के पास कोई दस्तावेजी प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी को उपलब्ध कराना चाहिए। जांच एजेंसी सभी तथ्यों की पड़ताल करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने लोगों से 15 दिन धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सभी के सामने होगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और राम मंदिर निर्माण का विरोध करते थे, वही आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रामभक्तों और कारसेवकों पर लाठियां और गोलियां चलाने वाले लोग अब अयोध्या पर राजनीति कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज अयोध्या पूरी दुनिया के लिए आस्था और विकास का प्रतीक बन चुकी है। यहां आधुनिक सड़कें, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सोलर सिटी, सरयू तट का विकास और अनेक जनकल्याणकारी परियोजनाएं प्रदेश की नई पहचान बन रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को अयोध्या का यह बदलता स्वरूप पसंद नहीं आ रहा, इसलिए वे लगातार भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भगवान श्रीराम ने मर्यादा और अनुशासन का संदेश दिया है। इसलिए सभी रामभक्तों को संयम बनाए रखना चाहिए और जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी ने भी राम मंदिर या श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ी किसी भी व्यवस्था में गड़बड़ी की है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

