हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग और कत्ल का खूनी खेल, सहारनपुर पुलिस ने किया डूडा कर्मचारी और महिला साथी हत्याकांड का खुलासा

A bloody game of honeytrap blackmailing and murder, Saharanpur police uncover the murder of a DUDA employee and his female companion.

सहारनपुर : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बागपत से जुड़े सनसनीखेज डबल मर्डर केस का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। यह मामला केवल हत्या तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें हनीट्रैप, ब्लैकमेलिंग, आपसी रंजिश और साजिश की कई परतें जुड़ी हुई थीं। एसएसपी अभिनंदन सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि थाना मिर्जापुर, बड़गांव और स्वाट-सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो मुख्य आरोपियों सुधारस और कपिल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले की जड़ मथुरा के एक कीमती प्लॉट को लेकर चल रहे विवाद और करीब 25 लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग में छिपी हुई थी।

जांच में सामने आया कि मृतका राखी कश्यप ने मुख्य आरोपी सुधारस का एक आपत्तिजनक वीडियो बना लिया था। इस वीडियो के जरिए वह उसे ब्लैकमेल कर रही थी और पैसे की मांग कर रही थी। इतना ही नहीं, उसने आरोपी पर दबाव बनाते हुए डूडा विभाग में कार्यरत विक्रांत की हत्या करने तक की बात कह डाली।एसएसपी अभिनन्दन सिंह ने बताया कि इस साजिश के तहत सुधारस और राखी ने मिलकर पहले विक्रांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। विक्रांत, जो मूल रूप से प्रयागराज के रहने वाले थे और बागपत में संविदा कर्मचारी के रूप में तैनात थे, को गोली मार दी गई। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उनके शव को सहारनपुर के बड़गांव क्षेत्र की नदी में फेंक दिया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हालांकि, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जब बागपत पुलिस ने विक्रांत की गुमशुदगी की जांच शुरू की और शक के आधार पर राखी से पूछताछ की, तो वह घबरा गई। पुलिस दबाव बढ़ने पर उसने आरोपी सुधारस को धमकी दी कि वह सारा राज खोल देगी। यह बात सुनकर सुधारस को खुद के फंसने का डर सताने लगा।

एसएसपी ने बताया कि इसके बाद उसने अपने साथी कपिल के साथ मिलकर एक और खौफनाक साजिश रची। योजना के तहत राखी को पार्टी के बहाने सहारनपुर बुलाया गया। यहां पहले से ही उसकी हत्या की पूरी तैयारी की जा चुकी थी। दोनों आरोपियों ने राखी की हथौड़े और चाकू से बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर मिर्जापुर क्षेत्र के जंगल में फेंक दिया गया, ताकि पहचान में देरी हो और वे कानून की पकड़ से बच सकें।पुलिस ने इस मामले में तेजी और सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल अज्ञात महिला के शव की पहचान राखी कश्यप के रूप में की, बल्कि पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को भी जोड़ा। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त टाटा नैक्सोन कार, लाइसेंसी पिस्टल, हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा और चाकू, साथ ही खून से सनी टी-शर्ट भी बरामद कर ली।
एसएसपी अभिनन्दन मुताबिक़ अपराधियों ने पूरी योजना के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। लेकिन तकनीकी साक्ष्य, सर्विलांस और सटीक जांच के चलते वे ज्यादा दिन तक कानून से नहीं बच सके। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह डबल मर्डर केस एक बार फिर यह साबित करता है कि लालच, अवैध संबंध और ब्लैकमेलिंग जैसे अपराध किस तरह इंसान को खौफनाक अंजाम तक पहुंचा सकते हैं। वहीं, पुलिस की सक्रियता ने यह भी दिखाया कि अपराध चाहे कितना भी शातिर तरीके से क्यों न किया जाए, कानून के हाथ आखिरकार अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।

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