सहारनपुर : पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश का असर अब मैदानी क्षेत्रों में भी साफ दिखाई देने लगा है। नदियों, बरसाती नालों और जलाशयों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिसके चलते शुक्रवार को हथनीकुंड बैराज में पानी की आवक बढ़ने के बाद बैराज से हजारों क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। इसके बाद प्रशासन, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। यमुना तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार शिवालिक और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण हथनीकुंड बैराज में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा था। बैराज पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और जलस्तर को नियंत्रित रखा जा सके। इसके लिए हजारों क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। SDM मानवेंद्र सिंह का कहना है कि बैराज की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर पानी की निकासी में बदलाव किया जा सकता है। हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी यमुना नदी के माध्यम से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई निचले क्षेत्रों तक पहुंचता है। ऐसे में प्रशासन ने पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि सिंचाई विभाग नदी के जलस्तर की पल-पल की रिपोर्ट तैयार कर रहा है।
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की खबर के बाद नदी किनारे बसे गांवों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश लगातार जारी है और यदि अगले 24 घंटे तक यही स्थिति बनी रही तो जलस्तर और बढ़ सकता है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने भी किसी तरह की लापरवाही न बरतने की अपील की है। लाउडस्पीकर और अन्य संचार माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे नदी के किनारे न जाएं, बच्चों को पानी के आसपास खेलने न दें और पशुओं को भी नदी या तेज बहाव वाले क्षेत्रों में न ले जाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल पुलिस, प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचना दें।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। नावों, आवश्यक उपकरणों और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ समय तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। यही वजह है कि प्रशासन आने वाले 24 घंटों को बेहद महत्वपूर्ण मान रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा तो यमुना में जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी पहुंचाया जा सकता है।

