देवबंद में शिव मंदिर के दावे पर फिर गरमाई सियासत, हिंदू रक्षा दल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

देवबंद में शिव मंदिर के दावे पर फिर गरमाई सियासत, हिंदू रक्षा दल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सहारनपुर : उत्तराखंड हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा मंगलवार को अपनी टीम के साथ सहारनपुर  मुख्यालय पहुंचे और देवबंद में एक धार्मिक स्थल के नीचे शिव मंदिर होने के दावा किया। उन्होंने शिव मंदिर होने का दावे करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यलय पर धार्मिक तरीके से प्रदर्शन किया और विश्व विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद के नीचे खुदाई करने की मांग की है। इतना ही नहीं प्रशासन से इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
देवबंद में शिव मंदिर के दावे पर फिर गरमाई सियासत, हिंदू रक्षा दल ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
ललित शर्मा ने बताया कि उनका संगठन पहले भी इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन दे चुका है, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी। उनका कहना है कि इसी वजह से उन्हें दोबारा सहारनपुर आना पड़ा। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे अदालत में प्रस्तुत कर जनहित याचिका दायर की जा सके। हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि देवबंद स्थित धार्मिक स्थल दारुल उलूम मदरसे के नीचे प्राचीन शिव मंदिर होने के साक्ष्य मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने कोई दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए।
इस पर उन्होंने कहा कि सभी साक्ष्य उचित समय पर अदालत में पेश किए जाएंगे और फिलहाल प्रशासन का दायित्व है कि निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए। ललित शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित परिसर से जुड़े शत्रु संपत्ति के मामले भी हैं, जिनकी जांच कराई जानी चाहिए। यदि प्रशासन एक माह पहले ही गंभीरता से जांच कर लेता तो दोबारा ज्ञापन देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस दौरान उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द जांच पूरी नहीं हुई तो अगली बार हरिद्वार से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में शिव भक्त देवबंद पहुंचेंगे और उस स्थान पर जलाभिषेक करेंगे, जिसे उनका संगठन शिव मंदिर होने का दावा करता है। उन्होंने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा लेकिन यदि आवश्यकता पड़ी तो शिव भक्त “गोलियां खाने के लिए भी तैयार हैं।”
राम मंदिर निर्माण और अयोध्या में कथित चंदा घोटाले के सवाल पर ललित शर्मा ने कहा कि सबसे पहले राम मंदिर का निर्माण होना जरूरी था। यदि निर्माण या चंदे से जुड़ी किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस गंभीरता से अन्य मामलों की जांच की जाती है, उसी गंभीरता से देवबंद के इस मुद्दे की भी जांच होनी चाहिए। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस ज्ञापन या संगठन के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, हिंदू रक्षा दल का दावा है कि यदि समयबद्ध जांच नहीं कराई गई तो वह इस मामले को न्यायालय और जनआंदोलन दोनों स्तरों पर आगे बढ़ाएगा।
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