गोरखपुर में चंद्रशेखर आजाद का तंज- ‘स्पेन’ नाम रखने से नहीं बदलेंगी जमीनी हकीकत, योगी सरकार से पूछा- माफिया गायब तो दिनदहाड़े हत्याएं कैसे?

MP Chandrashekhar in Gorakhpur

गोरखपुर : आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था से लेकर शहर की सफाई, जलभराव, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था तक को लेकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए। गोरखपुर को ‘स्पेन’ बनाए जाने के दावे पर तंज कसते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि सिर्फ नाम बदलने से जमीनी हालात नहीं बदलते।

सांसद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पहले नेपाल ऐसा देश था, जहां बिना पासपोर्ट के जा सकते थे, लेकिन अब गोरखपुर को यहां के सांसद ने ‘स्पेन’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि वह गोरखपुर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखने के बाद ‘स्पेन’ ढूंढने निकले, लेकिन उन्हें शहर में वही पुरानी समस्याएं दिखाई दीं।

अंकित बालियान हत्याकांड पर सरकार को घेरा

चंद्रशेखर आजाद ने अंकित बालियान हत्याकांड का जिक्र करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिनदहाड़े हत्या होना गंभीर चिंता का विषय है। भले ही पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा हो और दो आरोपियों का एनकाउंटर हुआ हो, लेकिन एनकाउंटर को न्याय का अंतिम विकल्प नहीं माना जा सकता।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किया कि अगर प्रदेश से माफिया और अपराधी खत्म हो गए हैं तो फिर दिनदहाड़े गोलियां कैसे चल रही हैं? उन्होंने कहा कि अंकित बालियान पर एक-दो नहीं बल्कि कई राउंड गोलियां चलाई गईं। ऐसे में सरकार को यह बताना चाहिए कि अपराधियों के हौसले आखिर क्यों बुलंद हैं।

एम्स के गेट से लेकर शहर की सफाई तक सवाल

गोरखपुर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए चंद्रशेखर ने एम्स का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एम्स जैसा प्रतिष्ठित संस्थान शहर में मौजूद है, लेकिन वहां छह गेट होने के बावजूद आमतौर पर केवल एक गेट खुला रहता है। उन्होंने कुछ दिन पहले इसी तरह की अव्यवस्था में एक व्यक्ति की मौत होने का दावा करते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि शहर में नाम बदलने से समस्याएं खत्म नहीं होतीं। गोरखपुर का नाम चाहे ‘स्पेन’ रख दिया जाए, लेकिन जब तक लोगों को बेहतर सड़क, सफाई, जल निकासी और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तब तक बदलाव का दावा बेमानी है।

बेरोजगारी और पेपर लीक को लेकर सरकार पर निशाना

सांसद ने बेरोजगार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों की वास्तविक स्थिति दिखाने पर कथित रोक का मुद्दा भी उठाया और कहा कि शिक्षा व्यवस्था की कमियों को छिपाने के बजाय उन्हें सुधारने की जरूरत है।

चंद्रशेखर ने ‘Gen Z मूवमेंट’ का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी टीम पिछले करीब 10 वर्षों से शिक्षा और युवाओं के बीच काम कर रही है। उन्होंने भीम आर्मी की पाठशालाओं को इसका उदाहरण बताया और कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लगातार काम किया गया है।

मऊ में भी सरकार पर साधा निशाना

गोरखपुर के बाद मऊ के मधुबन विधानसभा क्षेत्र में भी चंद्रशेखर आजाद ने सरकार को घेरा। उन्होंने बाढ़ और जलभराव, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

गोरखपुर को ‘स्पेन’ कहे जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सांसद रवि किशन पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि यह सुनकर वह गोरखपुर पहुंचते ही वीजा काउंटर ढूंढने लगे कि कहीं स्पेन जाने के लिए वीजा और पासपोर्ट की जरूरत तो नहीं पड़ेगी। बाद में पता चला कि गोरखपुर अभी स्पेन नहीं बना है।

मधुबन विधानसभा क्षेत्र में बहुजन समाज पार्टी की ओर से भारत भैया को प्रभारी प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद चंद्रशेखर का दौरा राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। अपने दौरे के दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों के दावों के बजाय जमीनी समस्याओं, कानून-व्यवस्था और युवाओं के मुद्दों को केंद्र में रखा और कहा कि नाम बदलने से नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने से आम लोगों की जिंदगी में वास्तविक बदलाव आएगा।

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