चंपावत : उत्तराखंड के चंपावत जिले में पहली बार राज्य मंत्रिमंडल की बैठक रविवार को बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक को सीमांत क्षेत्रों की समस्याओं और विकास की प्राथमिकताओं को शासन के स्तर पर सीधे उठाने की पहल के तौर पर देखा गया।
देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी कैबिनेट बैठकें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब कैबिनेट की बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी आयोजित की जाएंगी। उनका कहना है कि इससे स्थानीय समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
धामी ने सीमांत क्षेत्रों को देश की सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
भूमि और वन से जुड़े फैसलों पर मुहर
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण प्रक्रिया के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन आरेखन के लिए वन संरक्षण कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) गठित करने तथा छह पदों को मंजूरी दी।
इसके अलावा वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टाधारकों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। नैनीताल के लालकुआं और देहरादून के डोईवाला-रिस्पना क्षेत्र में भूमि विनियमितीकरण संबंधी प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण पहले एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा, इसके बाद मौजूदा सर्किल रेट लागू होगा।
पंतनगर एयरपोर्ट के लिए 66.29 करोड़ रुपये
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों से संबंधित कार्यों के लिए उत्तराखंड ट्रेड एंड टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। यह राशि निर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च होगी।
संपत्ति की खरीद-बिक्री से जुड़े लेन-देन में दिए जाने वाले PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने और उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
युवाओं और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी फैसले
बैठक में युवाओं की स्किलिंग, डॉक्टरों के स्टाइपेंड और कुक्कुट पालन से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में करीब 25 से 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को चंपावत की लोक परंपरा से जुड़ी फर्रा/छन्तोली भेंट की गई। बांस या रिंगाल की खपच्चियों से तैयार यह पारंपरिक ढाल देवीधुरा की बग्वाल परंपरा की पहचान है। इसके जरिए कैबिनेट बैठक में सीमांत क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुख स्थान दिया गया।

