देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस में नेताओं के बयानों और आपसी संवाद को लेकर जारी चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिल्ली में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी खुद हरीश रावत ने साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई। रावत ने कहा कि सभी का एक ही उद्देश्य है कि कांग्रेस को मजबूत किया जाए और वर्ष 2027 में उत्तराखंड में परिवर्तन लाया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस की राजनीति में हरीश रावत और कुमारी सैलजा के बयान हाल के दिनों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी बीच हरीश रावत को पार्टी हाईकमान की ओर से दिल्ली बुलाए जाने की खबरों के बाद इस मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बातचीत के विस्तृत एजेंडे को लेकर रावत ने सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
पार्टी की मजबूती और 2027 के लक्ष्य पर जोर
दिल्ली में कुमारी सैलजा से मुलाकात के बाद हरीश रावत ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच कई मामलों पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को मजबूत करना और 2027 में राज्य में परिवर्तन लाना उनका साझा उद्देश्य है।
रावत के बयान से संकेत मिलता है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और राज्य में अपनी राजनीतिक भूमिका को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, मुलाकात के दौरान संगठनात्मक जिम्मेदारियों या पार्टी की आगामी रणनीति को लेकर क्या निर्णय हुआ, इस बारे में कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया।
राज्य के मुद्दों पर आवाज उठाते रहेंगे रावत
हरीश रावत ने कहा कि राज्य और यहां के लोगों के सामने समय-समय पर जो चुनौतियां आएंगी, उनके समाधान के लिए वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह बात दिन के उजाले की तरह स्पष्ट है कि उत्तराखंड और उसके लोगों से जुड़े सवालों पर वह लगातार अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता से मिले सहयोग और समर्थन के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा कि लोगों की व्यापक भागीदारी और समर्थन उन्हें प्राप्त हुआ है और उन्हें विश्वास है कि आगे भी जनता का सहयोग मिलता रहेगा।
रावत के इस बयान को राज्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी सक्रियता बनाए रखने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पार्टी की गतिविधियों के साथ-साथ उत्तराखंड के लोगों से जुड़े विषय उनकी प्राथमिकता में बने रहेंगे।
राहुल गांधी की लड़ाई से लोगों को जोड़ने की बात
हरीश रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लोकतंत्र को बचाने की एक बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। रावत के मुताबिक, इस लड़ाई के संदेश को प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उत्तराखंड में पार्टी उनकी सेवाओं का उपयोग करेगी। उनके बयान में पार्टी के साथ मिलकर काम करने और व्यापक स्तर पर लोगों को जोड़ने की इच्छा दिखाई दी।
कांग्रेस की आगे की रणनीति पर नजर
उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने, नेताओं के बीच समन्वय बनाए रखने और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की चुनौती है। ऐसे में हरीश रावत और कुमारी सैलजा की मुलाकात को पार्टी के भीतर संवाद के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
फिलहाल, दोनों नेताओं की बातचीत के बाद किसी नए संगठनात्मक फैसले या आधिकारिक रणनीति की घोषणा नहीं हुई है। आने वाले समय में पार्टी नेतृत्व किस तरह जिम्मेदारियां तय करता है और चुनाव की तैयारी को आगे बढ़ाता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

