मुख्यमंत्री ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, शिक्षकों के रिक्त पदों, डिजिटल शिक्षा और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
700 स्कूलों में नए भवन, सोलर सिस्टम भी लगेंगे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर हो चुके लगभग 700 स्कूलों के नए भवनों के निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि भवनों का डिजाइन ऐसा होना चाहिए, जिसमें प्राकृतिक रूप से हवा का पर्याप्त आवागमन हो और नई विशिष्टताओं के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध हों।
गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी कम करने के लिए प्रत्येक स्कूल में सोलर सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।
प्रदेश में संचालित हैं 14,297 सरकारी स्कूल
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने बताया कि हरियाणा में कुल 14,297 सरकारी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं प्रारंभिक शिक्षा विद्यालयों के साथ पीएम श्री और राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 719 उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में जरूरत के अनुसार नए भवनों का निर्माण, पुराने भवनों की मरम्मत, आईसीटी लैब की स्थापना, शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में बनेगी कंप्यूटर लैब
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी 719 उत्कृष्ट स्कूलों में इसी वर्ष कम से कम 10 कंप्यूटर वाली आईसीटी लैब स्थापित की जाए। इसके लिए उन्होंने हरियाणा राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (हारट्रोन) को कंप्यूटर खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।
उन्होंने स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने जलभराव से प्रभावित स्कूलों की समस्या का स्थायी समाधान करने के निर्देश भी दिए। इसके लिए जरूरत के अनुसार रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाने की बात कही गई।
सभी स्कूलों में पीने के पानी की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 14,297 सरकारी स्कूलों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में पानी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं है, उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पेयजल की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके।
जहां आवश्यकता होगी, वहां आरओ सिस्टम भी लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्कूलों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी है।
प्रत्येक जिले को मिलेंगे एक-एक करोड़ रुपये
स्कूलों में जरूरी सुधार कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को प्रत्येक जिले में एक-एक करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इन कार्यों को अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के माध्यम से कराया जाएगा।
उन्होंने प्रत्येक जिले में स्कूलों में हो रहे सुधार कार्यों की प्रगति पर नजर रखने के लिए पोर्टल तैयार करने को भी कहा। एडीसी और शिक्षा विभाग के अधिकारी हर महीने कार्यों की समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री स्वयं प्रत्येक तीन महीने में विभागीय प्रगति की समीक्षा करेंगे।
पौधारोपण, खेल सुविधाओं और सुरक्षा पर भी जोर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेशव्यापी पौधारोपण अभियान के तहत 13,126 विद्यालयों के 11,77,766 विद्यार्थियों और 74,419 शिक्षकों की भागीदारी से कुल 10,47,122 पौधे लगाए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पौधों की देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए, ताकि वे विकसित होकर हरित वातावरण तैयार कर सकें।
मुख्यमंत्री ने स्कूलों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारों को हटवाने, सभी विद्यालयों में खेल सामग्री उपलब्ध कराने और शिक्षकों के रिक्त पद भरने पर भी जोर दिया। इसके अलावा पार्ट टाइम सफाई कर्मचारियों के अनुबंध, गैर-शिक्षण कार्यों के लिए अलग कैडर बनाने तथा शिक्षकों के मेडिकल और एलटीसी बिलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग को दिए गए आदेशों पर समयबद्ध कार्रवाई हो और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

