गोरखपुर : कुशीनगर जिले के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां बभनौली स्थित सिधरिया में बरसाती नाले में डूबने से एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की मौत हो गई। हादसे के बाद करीब 12 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन में एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों बच्चियों के शव बरामद कर लिए।
तीनों शव मिलने की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। मासूम बच्चियों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है। एक ही परिवार की तीन बेटियों की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
पुल पर खेलते समय हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम 12 वर्षीय कुंजन, 10 वर्षीय सपना और 8 वर्षीय छोटी घास काटकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान तीनों सिधरिया ड्रेन पर बने पुल के पास पहुंचीं। बताया जा रहा है कि पुल पर खेलते समय तीनों बच्चियां रेलिंग के पास चली गईं। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और तीनों बरसाती नाले में जा गिरीं। नाले में पानी का बहाव तेज होने के कारण बच्चियां देखते ही देखते बह गईं।
घटना के वक्त बच्चियों के साथ मौजूद उनके चाचा के बेटे 8 वर्षीय प्रियांशु ने उन्हें नाले में गिरते हुए देखा। उसने बच्चियों को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वह कुछ नहीं कर सका। इसके बाद उसने घर पहुंचकर परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीण भी मौके पर जुट गए और बच्चियों की तलाश शुरू कर दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ एसडीआरएफ को भी मौके पर बुलाया गया।
रातभर चला सर्च ऑपरेशन
एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने शुक्रवार देर रात तक नाले में सर्च ऑपरेशन चलाया। अंधेरा होने और पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई घंटे की तलाश के बावजूद बच्चियों का पता नहीं चल सका। इसके बाद शनिवार सुबह एक बार फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने कई घंटे तक नाले में तलाश की। करीब 12 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार तीनों बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक बच्चियों के पिता शंभू चौहान टाइल्स लगाने का काम करते हैं। बताया गया है कि परिवार में कुल पांच बच्चे हैं। बड़ी बेटी वंदना की उम्र 22 वर्ष है, जबकि बेटा पवन 17 साल का है। मृतक बच्चियों में सपना कक्षा 7 और छोटी कक्षा 6 में पढ़ती थी। तीनों बहनों की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बच्चियों के शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर है और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं।
पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए शव
क्षेत्राधिकारी खड्डा वीके सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह दोबारा शुरू किए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान तीनों बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। वहीं, इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी शोक और आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसाती नालों और तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

