हल्द्वानी : उत्तराखंड भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 9 सितंबर को आयोजित होने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि बैठक में प्रदेशभर से 597 पदाधिकारी शामिल होंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के तौर पर बैठक में मौजूद रहेंगे। बैठक में राज्य के राजनीतिक हालात, विकसित उत्तराखंड के रोडमैप और वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक, प्रदेश कार्यसमिति की बैठक बुधवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी। इसमें उत्तराखंड के सभी जिलों और संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। बैठक को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2027 के लिए तैयार होगा रोडमैप
कार्यसमिति की बैठक में विकसित उत्तराखंड को लेकर दो अहम प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनके अलावा प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा होगी। भाजपा संगठन को चुनावी मोड में लाने और बूथ स्तर तक तैयारियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए दिशा देंगे। पार्टी का लक्ष्य चुनावी तैयारियों को समय रहते धार देना और संगठन की जमीनी पकड़ को मजबूत करना है। कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का मंत्र भी दिया जाएगा।
युवाओं और पूर्व सैनिकों से भी संवाद
नितिन नवीन के कार्यक्रम में युवाओं और खासकर Gen Z से संवाद का कार्यक्रम भी शामिल है। इसके अलावा वह पूर्व सैनिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। रुद्रपुर में सिख समाज के सम्मेलन को संबोधित करने का भी उनका कार्यक्रम बताया गया है। इससे भाजपा के अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक संगठन की पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश प्रभारी की गैरमौजूदगी चर्चा में
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से पहले संगठन के भीतर एक अहम सवाल भी चर्चा में है। उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम बैठक में नजर नहीं आ रहे हैं। इसके साथ ही संगठन महामंत्री का पद भी फिलहाल खाली है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी और महामंत्री संगठन की गैरमौजूदगी के बीच होने वाली कार्यसमिति की बैठक पर राजनीतिक नजरें टिकी हैं।
अब देखना होगा कि 9 सितंबर की बैठक में भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर क्या रणनीति तैयार करती है और संगठन को चुनावी मैदान में उतरने के लिए किस तरह की जिम्मेदारियां दी जाती हैं। बैठक के बाद पार्टी की आगामी राजनीतिक दिशा को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

