हल्द्वानी : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई रैली के बाद शुद्धिकरण किए जाने के मामले में आखिरकार पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी कार्रवाई की है। जांच की जिम्मेदारी एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को सौंपी गई है।
मामले को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार मुकदमा दर्ज करने की मांग की जा रही थी। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण की कार्रवाई कर सामाजिक और जातिगत भेदभाव का संदेश देने का प्रयास किया गया। इसी शिकायत के आधार पर अब पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक शिकायत में जातिगत अपमान, सामाजिक भेदभाव और अनुसूचित जाति के व्यक्ति के प्रति घृणा एवं हीनता का भाव रखने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और 299 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच में जुट गई है। जांच अधिकारी घटना से संबंधित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को खंगालेंगे। इसके साथ ही शुद्धिकरण की कार्रवाई में शामिल लोगों की पहचान करने और पूरे घटनाक्रम के पीछे की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा।
कांग्रेस लंबे समय से इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही थी। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन कर पुलिस से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई थी। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक विवाद ने कानूनी रूप भी ले लिया है।
खास बात यह है कि यह कार्रवाई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे से ठीक पहले हुई है। ऐसे में एफआईआर के बाद हल्द्वानी की सियासत फिर गरमाने के आसार हैं। अब पुलिस जांच में यह सामने आएगा कि शुद्धिकरण की कार्रवाई में कौन लोग शामिल थे और लगाए गए आरोपों के समर्थन में कितने ठोस साक्ष्य मिलते हैं।

