संभल : संभल में बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद के प्रस्तावित एएसआई सर्वे को लेकर मंगलवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मस्जिद के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवान तैनात किए गए। हालांकि, दिनभर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद एएसआई की टीम बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निरीक्षण करने नहीं पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक टीम क्षेत्र में आई थी, लेकिन मस्जिद की ओर नहीं गई।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर संभल कोतवाली समेत आसपास के कई थानों की पुलिस को तैनात किया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पीएसी और आरएएफ के जवान भी लगाए गए। पुलिस-प्रशासन की टीम लगातार इलाके में निगरानी करती रही।
मनोकामना तीर्थ की जमीन देखने पहुंची टीम
अधिकारियों के अनुसार, एएसआई की टीम बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निरीक्षण करने के बजाय मनोकामना तीर्थ स्थल की भूमि से संबंधित शिकायत को देखने पहुंची। अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्यागी ने शिकायत की थी कि मनोकामना तीर्थ स्थल की जमीन पर अवैध कब्जा कर मुसाफिरखाना बनाया गया है। इसी शिकायत की जांच के क्रम में टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित भूमि और अभिलेखों की जानकारी ली।
एडीएम सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि फिलहाल अभिलेखों का अवलोकन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंगलवार को एएसआई टीम ने बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निरीक्षण नहीं किया।
मस्जिद की जमीन को लेकर शिकायत
दरअसल, अधिवक्ता सुभाष त्यागी ने जिला प्रशासन से शिकायत कर आरोप लगाया था कि विवादित जामा मस्जिद की भूमि पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निर्माण कराया गया है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने संभल एसडीएम को मामले की जांच सौंपी थी। इसी जांच के तहत एएसआई की टीम द्वारा मस्जिद का निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई थी।
हालांकि, मंगलवार को एएसआई टीम के मस्जिद नहीं जाने से प्रस्तावित सर्वे को लेकर स्थिति फिलहाल साफ नहीं हो सकी है। प्रशासनिक स्तर पर अभिलेखों की जांच और संबंधित तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
मुतवल्ली ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, मस्जिद में तैनात मुतवल्ली ने शिकायत में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका दावा है कि मस्जिद जिस जमीन पर बनी है, वह दान में मिली भूमि है। ऐसे में जमीन के स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दावों को लेकर अब प्रशासनिक जांच के नतीजों का इंतजार है।
फिलहाल संभल में प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा के बीच एएसआई टीम के निरीक्षण को लेकर चर्चाएं जारी हैं। अब आगे टीम मस्जिद का निरीक्षण करती है या नहीं और अभिलेखों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

