सहारनपुर : सहारनपुर में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के मामले में मेरठ एसटीएफ और मिर्जापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मिर्जापुर पोल निवासी हसन और उसके बेटे अहतशाम के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार डबल बैरल बंदूकें, 111 जिंदा कारतूस और 32 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की एक गहरे नीले रंग की वैन्यू कार भी जब्त की गई है। भारी मात्रा में हथियार और नकदी मिलने के बाद पुलिस अब इनके स्रोत और कथित तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने खारा पावर हाउस के पास चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान सुबह करीब 5:40 बजे हसन और अहतशाम को गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 12 बोर की चार डबल बैरल बंदूकें और 111 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस अब हथियारों और कारतूसों पर अंकित नामों व निशानों के आधार पर उनके स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
ट्रॉली बैग में मिले 32 लाख रुपये
इस कार्रवाई में सबसे अहम बरामदगी 32 लाख रुपये की नकदी रही। एसपी देहात मयंक पाठक के मुताबिक, आरोपियों के ट्रॉली बैग से 500 रुपये के नोटों की 64 गड्डियां मिलीं। प्रत्येक गड्डी में 100 नोट थे। बैग में कपड़े भी रखे हुए थे। पुलिस नकदी के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रकम का संबंध कथित हथियारों की खरीद-फरोख्त से है या नहीं।
तीन मोबाइल फोन और कार भी जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन और एक मोटोरोला मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की गहरे नीले रंग की वैन्यू कार भी जब्त की गई। वाहन को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज किया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल फोन की जांच से आरोपियों के संपर्कों और हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं तीन आरोपी
पुलिस के अनुसार, एक अक्टूबर को संयुक्त टीम ने इसी मामले से जुड़े तीन आरोपियों को अवैध हथियारों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया था। इस संबंध में थाना मिर्जापुर में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा गया था। आगे की जांच में हसन और अहतशाम के नाम सामने आए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी की गई।
पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित गिरोह के अन्य सदस्यों, हथियारों की सप्लाई करने वालों और बरामद 32 लाख रुपये के स्रोत की पड़ताल कर रही है। आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही हथियारों की तस्करी के नेटवर्क और नकदी के वास्तविक इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

