सहारनपुर : तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम पंचकुआ में संचालित 11 स्टोन क्रेशरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच में क्रेशरों के भंडारण स्थल पर मौजूद उपखनिज और सरकारी पोर्टल पर दर्ज मात्रा के बीच भारी अंतर सामने आया है। जांच में हजारों घनमीटर उपखनिज का अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने सभी 11 स्टोन क्रेशरों की भंडारण अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। साथ ही संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन की ओर से उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी सदर और खान निरीक्षक की संयुक्त टीम ने पंचकुआ स्थित स्टोन क्रेशरों की जांच की। 7 अगस्त 2026 को तैयार की गई जांच आख्या में भंडारण व्यवस्था और पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में बड़े पैमाने पर अंतर का उल्लेख किया गया है। जांच के दौरान मैसर्स संस्कार ग्रिट्स में 347 घनमीटर, श्री लक्ष्मी नारायण स्टोन क्रेशर में 12,893 घनमीटर, ठाकुरजी स्टोन क्रेशर में 6,095 घनमीटर और त्रिवेणी इंडस्ट्रीज में 3,568 घनमीटर का अंतर पाया गया।
इसी क्रम में बाबा केदारनाथ में 1,387 घनमीटर और एमएनएस इंडिया में 1,356 घनमीटर का अंतर सामने आया। वहीं श्याम देवाय एंटरप्राइजेज में 4,004 घनमीटर, गणपति एंटरप्राइजेज में 10,022 घनमीटर, श्री शाकुम्भरी एंटरप्राइजेज में 575 घनमीटर, वासुदेव एंटरप्राइजेज में 3,670 घनमीटर और श्री राधे श्याम एंटरप्राइजेज में 365 घनमीटर का अंतर दर्ज किया गया। इन आंकड़ों को देखें तो 11 स्टोन क्रेशरों में कुल 44,282 घनमीटर उपखनिज के भंडारण का अंतर सामने आया है। इतनी बड़ी मात्रा में अंतर मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित क्रेशर संचालकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
लाइसेंस निलंबित, नोटिस जारी
संयुक्त जांच आख्या के आधार पर प्रशासन ने पंचकुआ के सभी 11 स्टोन क्रेशरों की भंडारण अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी हैं। इसके साथ ही क्रेशर संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे भंडारण स्थल और पोर्टल पर दर्ज मात्रा में अंतर को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन की कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि खनन सामग्री के भंडारण, परिवहन और अभिलेखों में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अवैध खनन पर भी बढ़ी सख्ती
सहारनपुर जिले में अवैध खनन, उपखनिज के अवैध परिवहन और भंडारण को लेकर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। पंचकुआ में हुई यह कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। जांच में सामने आए भारी अंतर ने क्रेशर इकाइयों के रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब संबंधित क्रेशर संचालकों के जवाब और आगे की जांच के आधार पर प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

