बरेली : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली दौरे के दौरान प्रदेश के ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा की। अब ग्राम प्रहरियों को हर महीने 2500 रुपये के बजाय 3500 रुपये मानदेय मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश के करीब 70 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने बरेली के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई मंत्री, सांसद और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश बदल चुका है और बरेली इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की घटनाएं होती थीं, जबकि अब लोग सुरक्षित माहौल में अपने पर्व मना रहे हैं। सीएम ने कहा कि शारदीय नवरात्र के दौरान प्रदेश के गांवों में लोग देवी मां की मूर्तियों के साथ धार्मिक आयोजनों में शामिल हो रहे हैं।
श्रद्धालु निडर होकर घरों से निकल रहे हैं और सुरक्षित वातावरण में देवी मां के दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित माहौल बनने से देश और दुनिया में उत्तर प्रदेश की छवि बदली है। पहले कुछ लोगों की गलत गतिविधियों के कारण प्रदेश के करोड़ों लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। युवाओं और व्यापारियों को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियों में बदलाव आया है।
अपराधियों में कानून का डर होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को विकास से जोड़ते हुए कहा कि सुरक्षा के माहौल से सड़क निर्माण, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिला है। उनके मुताबिक, जब लोगों को अपनी सुरक्षा का भरोसा होता है, तो वे आगे बढ़ने के लिए अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन वर्तमान व्यवस्था के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने पिछली व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जो रहनुमा थे, वही चोर थे। उन्होंने अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बेटियों के साथ गलत हरकत करने वालों को कानून के कड़े परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
ग्राम प्रहरियों की भूमिका पर दिखाई गई फिल्म
मुख्यमंत्री मंगलवार सुबह करीब 11:20 बजे हेलिकॉप्टर से बरेली पुलिस लाइन मैदान पहुंचे। यहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई।
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, सूचनाएं जुटाने और पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करने में ग्राम प्रहरियों की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम को सबसे पहले डीजीपी राजीव कृष्ण ने संबोधित किया। मुख्यमंत्री के साथ अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद भी मौजूद रहे।
बरेली और मुरादाबाद रेंज के 5100 चौकीदार हुए शामिल
कार्यक्रम में बरेली और मुरादाबाद रेंज के नौ जिलों से करीब 5100 ग्राम प्रहरियों को बुलाया गया था। पुलिस-प्रशासन की ओर से उनके आवागमन और भोजन की व्यवस्था की गई थी। मानदेय में बढ़ोतरी का लाभ हालांकि पूरे प्रदेश के लगभग 70 हजार ग्राम प्रहरियों को मिलने की बात कही गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2500 रुपये से बढ़ाकर 3500 रुपये करने से उन्हें हर महीने 1000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इस संबंध में शासनादेश सोमवार को जारी किए जाने की जानकारी भी दी गई।
धर्मपाल सिंह ने सपा पर साधा निशाना
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री और नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद धर्मपाल सिंह ने क्षेत्रीय बोली में संबोधन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए पीडीए की अपनी राजनीतिक व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने वर्ष 2017 और उसके बाद भाजपा की चुनावी जीत का उल्लेख किया तथा 2027 में भी भाजपा सरकार बनने की बात कही। मंच पर कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, वन मंत्री अरुण कुमार, धर्मपाल सिंह, सांसद छत्रपाल गंगवार, राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार और मेयर उमेश गौतम समेत अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
शिक्षकों की जनसभा में भी शामिल होंगे मुख्यमंत्री
पुलिस लाइन के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री के सर्किट हाउस में विश्राम करने और फिर बरेली क्लब मैदान में आयोजित शिक्षकों की जनसभा में पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित था। वहां वह शिक्षक एमएलसी सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के समर्थन में शिक्षकों से संवाद करने वाले थे। मुख्यमंत्री का यह दौरा ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा, उत्कृष्ट कार्य करने वालों के सम्मान और कानून-व्यवस्था पर सरकार का पक्ष रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

