देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 11 सितंबर को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, खेल, जमीन आवंटन और कर्मचारी हितों से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। इनमें एमबीबीएस और पीजी के इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला भी शामिल है।
बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न डॉक्टरों की मांग पर चर्चा हुई। एमबीबीएस और पीजी के इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। कैबिनेट ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्णय लिया है। इससे लंबे समय से अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है।
एमबीबीएस के बाद तीन साल सेवा वाले प्रस्ताव पर नहीं लगी मुहर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों की सेवाओं से जुड़ा प्रस्ताव भी तैयार किया गया था। इसके तहत पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए एमबीबीएस करने वाले छात्रों को बॉन्ड के तहत कम से कम तीन साल तक सेवाएं देना अनिवार्य करने का प्रस्ताव था।
दरअसल, राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को पर्वतीय क्षेत्रों में बॉन्ड के तहत सेवाएं देनी होती हैं। आरोप है कि कुछ डॉक्टर कुछ समय ड्यूटी करने के बाद ही पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन कर देते हैं और पीजी की पढ़ाई के लिए चले जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है।स्वास्थ्य विभाग के इस प्रस्ताव में व्यवस्था बदलने की तैयारी थी, लेकिन शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली।
खिलाड़ियों के लिए 283 पद आरक्षित
कैबिनेट ने खेल नीति 2021 के तहत खिलाड़ियों के लिए विभिन्न विभागों में 283 पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इन पदों पर खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। आरक्षित पद खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों में होंगे। सरकार के इस फैसले को प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे खेल प्रतिभाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिलने का रास्ता साफ होगा।
गढ़वाल सभा को जीएमवीएन की जमीन देने को मंजूरी
बैठक में गढ़वाल सभा से जुड़े जमीन आवंटन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। जीएमवीएन की पार्किंग में 972 गज जमीन गढ़वाल सभा को देने के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसके अलावा हरिद्वार में कर्मचारी राज्य बीमा निगम निदेशालय की जमीन के निकट 15 एकड़ भूमि ईएसआई अस्पताल को देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों के साथ सरकारी जमीन के उपयोग से संबंधित प्रस्ताव भी शामिल रहे। इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी के फैसले को लेकर जहां डॉक्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं खिलाड़ियों के लिए 283 पद आरक्षित किए जाने से खेल क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। दूसरी ओर, एमबीबीएस के बाद तीन साल की अनिवार्य सेवा वाले प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलने से पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता का मुद्दा फिलहाल बना रहेगा।

