कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जामा मस्जिद समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस-पीएसी तैनात; ड्रोन से भी हुई निगरानी
सहारनपुर : कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सहारनपुर पुलिस और प्रशासन की बड़ी परीक्षा थी। प्रशासन को आशंका थी कि मस्जिद प्रकरण के बाद नमाज के दौरान या उसके बाद विरोध-प्रदर्शन अथवा तनाव की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए शहर और जिले के संवेदनशील इलाकों में पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। हालांकि शुक्रवार को लोगों ने शांतिपूर्ण माहौल में जुमे की नमाज अदा की और नमाज के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न होने के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जुमे की नमाज को देखते हुए जामा मस्जिद और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवानों की तैनाती की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने लगातार संवेदनशील इलाकों में भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए रखी। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद आम लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर इसका असर नहीं पड़ने दिया गया।

नमाज से पहले पुलिस ने की अपील
कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मुस्लिम समुदाय में आक्रोश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को विशेष सतर्कता बरती। नमाज से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
प्रशासन की अपील का असर भी नजर आया। लोगों ने संयम का परिचय दिया और शांतिपूर्वक नमाज अदा करने के बाद अपने-अपने काम के लिए रवाना हो गए। कहीं कोई प्रदर्शन, नारेबाजी या तनाव की स्थिति नहीं बनी।
एसएसपी और एसपी सिटी ने किया फ्लैग मार्च
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसएसपी अभिनंदन सिंह और एसपी सिटी व्योम बिंदल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने घंटाघर से जामा मस्जिद और आसपास के क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। पुलिस की मौजूदगी से लोगों में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा नजर आया।
प्रमुख स्थानों के अलावा आसपास की छतों पर भी पुलिस की नजर रही। सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए बल को सतर्क रखा।
सोशल मीडिया पर भी रही नजर
डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रशासन की सबसे बड़ी चिंता यह थी कि कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के बाद जुमे की नमाज के दौरान किसी तरह का विरोध या तनाव पैदा न हो। इसके लिए पुलिस ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। इंटेलिजेंस टीमों को सक्रिय किया गया था और सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी गई।
डीआईजी के मुताबिक शुक्रवार को नमाज के दौरान माहौल पूरी तरह शांत रहा। लोगों ने नमाज अदा की और इसके बाद सामान्य तरीके से अपने-अपने काम के लिए रवाना हो गए। न तो कोई विरोध प्रदर्शन हुआ और न ही किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने आई।
लोगों के सहयोग की पुलिस ने की सराहना
शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने में पुलिस और प्रशासन के साथ आम लोगों के सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अधिकारियों ने लोगों की सराहना करते हुए कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर मिलने वाली भ्रामक या अपुष्ट सूचनाओं को आगे प्रसारित न करें। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए।
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बीच सहारनपुर में जनजीवन सामान्य नजर आया। नमाज के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनने से पुलिस-प्रशासन ने राहत की सांस ली और लोगों के संयम एवं सहयोग की सराहना की।

