लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार पिछड़ा वर्ग समर्पित आयोग की रिपोर्ट आने और आरक्षण का निर्धारण होने के बाद चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजभर ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव के मामले में वह सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओमप्रकाश राजभर ने लोकतांत्रिक जनशक्ति पार्टी और समाजवादी पार्टी के कई नेताओं को सुभासपा की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर उन्होंने पंचायत चुनाव, पिछड़ा वर्ग आरक्षण और विपक्ष की राजनीति से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी तीखा हमला बोला।
सभी 75 जिलों में चल रहा सर्वे
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने पंचायत चुनाव से संबंधित हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन किया है। उनके मुताबिक, अदालत ने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है। पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के लिए समर्पित आयोग का गठन किया गया है और प्रदेश के सभी 75 जिलों में सर्वे का काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजभर ने दावा किया कि उनकी पार्टी की चुनावी तैयारियां पूरी हैं और मतपत्र हर जिले तथा हर बूथ तक पहुंच चुके हैं।
मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग ही पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को लेकर हाईकोर्ट गए थे। अब न्यायालय का आदेश आ चुका है और सरकार उसके अनुसार आगे बढ़ेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार पंचायत चुनाव कराने से पीछे नहीं हटेगी।
सुप्रीम कोर्ट जाने के पक्ष में नहीं राजभर
पंचायत चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने साफ कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जातीय जनगणना, बोर्ड परीक्षाओं सहित कई गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन इन सबके बीच पंचायत चुनाव कराना भी संभव है। राजभर के मुताबिक, आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सरकार की तैयारी पर भरोसा जताते हुए कहा कि चुनाव कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर फिलहाल आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया कब आगे बढ़ेगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
अखिलेश यादव की राजनीति पर उठाए सवाल
ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी मंशा पिछड़े वर्ग के हितों को लेकर साफ नहीं है। राजभर ने कहा कि यदि अखिलेश यादव वास्तव में पिछड़े वर्ग के हितैषी होते, तो राज्यसभा में इस वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व देने को प्राथमिकता देते।
उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में पिछड़े वर्ग के बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं, लेकिन राज्यसभा भेजने की बारी आने पर परिवार के लोगों और धनाढ्य व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाती है। इस दौरान उन्होंने धनराज नाथवानी को राज्यसभा भेजे जाने का भी जिक्र किया।
राजभर ने कहा कि पिछड़े वर्ग की राजनीति का अर्थ केवल परिवार के लोगों या आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को आगे बढ़ाना नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछड़े वर्ग के लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अवसर मिलना जरूरी है।
संजय निषाद की आरक्षण रैली का किया समर्थन
संजय निषाद की आरक्षण रैली को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने कहा कि अगर संजय निषाद अपने समाज की मांगों को लेकर रैली कर रहे हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक समाज को अपने अधिकारों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को उठाने का अधिकार है।
राजभर के इस बयान से साफ है कि वह पिछड़ा वर्ग आरक्षण को पंचायत चुनाव की प्रक्रिया का अहम मुद्दा मान रहे हैं। फिलहाल, प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर आगे की कार्रवाई आयोग की रिपोर्ट और आरक्षण निर्धारण पर निर्भर करेगी। वहीं, राजभर के बयान से पंचायत चुनाव और पिछड़े वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सियासी बहस तेज होने के आसार हैं।

