भिनगा में ओवैसी ने चला नया सियासी दांव, दद्दन खां के नाम से AIMIM ने बढ़ाई हलचल

Owaisi's entry heats up politics in Shravasti; Haji Daddan Khan gets AIMIM ticket from Bhinga.

श्रावस्ती : उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात पर 2027 का खेल अभी शुरू ही हुआ है, लेकिन राजनीतिक दल अपनी-अपनी जमीन तलाशने में जुट गए हैं। श्रावस्ती में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की दस्तक और भिनगा विधानसभा सीट से हाजी दद्दन खां को प्रत्याशी घोषित करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। खास बात यह है कि दद्दन खां हाल ही में बहुजन समाज पार्टी छोड़कर एआईएमआईएम में शामिल हुए हैं। ऐसे में ओवैसी ने उन्हें मैदान में उतारकर भिनगा की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है।

ओवैसी की जनसभा सिर्फ प्रत्याशी घोषित करने तक सीमित नहीं रही। मंच से उन्होंने भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों पर जमकर निशाना साधा। भाजपा पर हमला बोलते हुए ओवैसी ने मदरसों और कब्रिस्तानों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने के लिए राजनीतिक स्तर पर विपक्षी दलों को एक साथ आने की जरूरत है। लेकिन ओवैसी के निशाने पर सिर्फ भाजपा नहीं थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर भी तीखे हमले किए।

ओवैसी ने सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक ‘नूरा-कुश्ती’ का आरोप लगाया और कहा कि दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। सपा को लेकर ओवैसी की टिप्पणी यहीं नहीं रुकी। उन्होंने सपा को ‘चाइना का माल’ बताते हुए कहा कि ऐसा माल ज्यादा दिन नहीं चलता। ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब मदरसों और मस्जिदों से जुड़े मुद्दे सामने आए तो समाजवादी पार्टी के नेता कहां थे। हालांकि भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की संभावना पर उन्होंने इंडिया गठबंधन के साथ आने की बात भी कही।

दद्दन खां के जरिए भिनगा में नई जमीन तलाश रही AIMIM

भिनगा सीट पर एआईएमआईएम की सक्रियता को सिर्फ एक प्रत्याशी की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा रहा। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां समाजवादी पार्टी की इंद्राणी देवी ने जीत दर्ज की थी। उन्हें 1,03,661 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 90,087 वोट मिले थे। एआईएमआईएम प्रत्याशी को उस चुनाव में 4,073 वोट मिले थे।

अब पांच साल के अंतराल में एआईएमआईएम ने अपना चेहरा बदलते हुए हाजी दद्दन खां को मैदान में उतारा है। दद्दन खां का बसपा छोड़कर एआईएमआईएम में आना भी इस घटनाक्रम को अलग राजनीतिक संदर्भ देता है। इससे क्षेत्र में पार्टी के संगठन और सामाजिक आधार को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि किसी उम्मीदवार की घोषणा से चुनावी नतीजे तय नहीं होते। असली तस्वीर नामांकन, गठबंधनों, स्थानीय मुद्दों और चुनाव के दौरान मतदाताओं के रुझान से सामने आएगी। फिर भी भिनगा में एआईएमआईएम की शुरुआती सक्रियता ने सपा और भाजपा के बीच होने वाले संभावित मुकाबले में एक नया राजनीतिक पक्ष जरूर जोड़ दिया है।

गरीबी और बिजली पर सरकार को घेरा

ओवैसी ने श्रावस्ती के स्थानीय मुद्दों को भी अपने भाषण का हिस्सा बनाया। उन्होंने गरीबी, बिजली और विकास को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि श्रावस्ती में बड़ी आबादी गरीबी से जूझ रही है और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी लोगों की समस्याएं हैं। ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सत्ता गलत हाथों में है और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है।

फिलहाल भिनगा में दद्दन खां की घोषणा के साथ एआईएमआईएम ने 2027 की चुनावी तैयारियों का संकेत दे दिया है। अब देखना यह होगा कि यह दांव सिर्फ राजनीतिक मौजूदगी तक सीमित रहता है या आने वाले महीनों में भिनगा की चुनावी राजनीति में इसका असर भी दिखाई देता है।

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