सहारनपुर : मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने सीएम डैशबोर्ड पर विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। वर्चुअल माध्यम से आयोजित मंडलीय बैठक में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली में विकास योजनाओं, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों और लंबित वादों की प्रगति की समीक्षा की गई। कई योजनाओं में खराब रैंकिंग मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना में खराब प्रगति पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
कई योजनाओं में खराब रैंकिंग पर जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक में डे-एनआरएलएम आरएफ-सीआईएफ में सहारनपुर को बी श्रेणी मिली। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में शामली सी श्रेणी में रहा। जननी सुरक्षा योजना में मुजफ्फरनगर को बी और सहारनपुर को सी श्रेणी मिली। जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को बी श्रेणी प्राप्त हुई।
फैमिली आईडी योजना में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर सी श्रेणी में रहे, जबकि शामली को बी श्रेणी मिली। राज्य योजना में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर को डी श्रेणी मिली। ओडीओपी टूलकिट एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में भी खराब रैंकिंग पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताई।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग सीएम डैशबोर्ड पर अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए गंभीरता से प्रयास करें और विकास कार्यों को उच्चतम श्रेणी में लाएं।
जननी सुरक्षा योजना में लापरवाही पर कार्रवाई
जननी सुरक्षा योजना में मंडल की खराब प्रगति पर मंडलायुक्त ने एडी हेल्थ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। सहारनपुर में योजना के नोडल अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगने और वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों को पोर्टल पर दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को दोबारा दुरुस्त कराने और कार्य पूरा होने के बाद फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंडल की विधानसभाओं में बनने वाले उत्सव भवनों के संबंध में मुख्य विकास अधिकारियों से वार्ता करने के लिए उपनिदेशक पंचायत को भी निर्देशित किया गया।
आईजीआरएस शिकायतों का समय से हो निस्तारण
मंडलायुक्त ने आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी शिकायत डिफॉल्टर श्रेणी में नहीं जानी चाहिए। शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित व्यक्ति से बातचीत कर उसका फीडबैक भी लिया जाए। यदि शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं है, तो अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें। लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पांच साल पुराने राजस्व वाद खत्म करने के निर्देश
राजस्व एवं कर-करेत्तर कार्यों की समीक्षा के दौरान बैठक से अनुपस्थित रहने पर खनन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पांच वर्ष पुराने राजस्व वादों को लंबित नहीं रखने को कहा। तीन से पांच वर्ष पुराने मामलों का भी जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों को अंश निर्धारण कार्य में तेजी लाने, औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक तहसील में बड़े बकाएदारों से वसूली की नियमित समीक्षा करने को कहा। बैठक में सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान, शामली के जिलाधिकारी आलोक कुमार, नगर आयुक्त शिपू गिरि, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा समेत मंडल और जिला स्तर के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

