यूपी चुनाव से पहले बसपा में बड़ा संग्राम: मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से किया पूरी तरह मुक्त, समधी अशोक सिद्धार्थ पर भी उठाए सवाल

BSP changed strategy for 2027 assembly elections, 1600 teams activated in UP, made this plan for Akash

लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने का ऐलान किया है। इससे पहले तीन सितंबर 2026 को आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया था। अब मायावती ने साफ कर दिया है कि आकाश आनंद पार्टी में भी स्वतंत्र हैं और उन्हें पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।

मायावती ने यह फैसला अपने समधी अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के ऐलान के बाद लिया है। अशोक सिद्धार्थ के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने इसे ‘देर आए, दुरुस्त आए’ बताया। हालांकि, उन्होंने अशोक सिद्धार्थ की नीयत और राजनीतिक अभिलाषा को लेकर भी सवाल उठाए।

मायावती ने कहा कि यदि अशोक सिद्धार्थ ने पहले ही राजनीति से संन्यास ले लिया होता तो बसपा, बहुजन समाज और बहुजन मूवमेंट के व्यापक हित में उन्हें कई बार कड़े फैसले लेने की जरूरत नहीं पड़ती। उनका कहना है कि आकाश आनंद को भी विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

आकाश आनंद के रवैये से मायावती नाराज

बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद के रवैये पर भी खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अशोक सिद्धार्थ से जुड़ी एक पोस्ट साझा की थी, जो उनके अनुसार आकाश आनंद के सकारात्मक और भलाई के लिए थी। इसके बावजूद आकाश ने उस पोस्ट को रिपोस्ट करना उचित नहीं समझा।

मायावती ने कहा कि इससे पहले आकाश आनंद उनके एक्स पोस्ट को रिपोस्ट कर अपनी वफादारी का प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में उनके इस रवैये को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। मायावती ने संकेत दिया कि अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद के लिए पार्टी और बहुजन मूवमेंट की सफलता से ज्यादा निजी और पारिवारिक स्वार्थ महत्वपूर्ण हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि आकाश आनंद के लिए पार्टी और आंदोलन के वास्तविक हित तथा अपने राजनीतिक करियर की तुलना में रिश्ते-नातों का मोह अधिक है तो उनके ‘डबल माइंड’ होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मायावती के मुताबिक, ऐसी स्थिति में आकाश आनंद बसपा और बहुजन मूवमेंट का भला कैसे कर सकते हैं।

त्याग और संघर्ष को बताया बसपा की पहचान

मायावती ने कहा कि बसपा की अंबेडकरवादी राजनीति की पहचान त्याग, तपस्या, संघर्ष और कुर्बानी रही है। पार्टी को निजी और पारिवारिक स्वार्थ तथा पद की लालसा से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और कांशीराम के आदर्शों से सीख लेने की अपील की। मायावती ने कहा कि जितना बड़ा लक्ष्य होता है, उतनी ही बड़ी कुर्बानी की आवश्यकता होती है। उनके मुताबिक, बहुजन समाज को शासक वर्ग बनाने के लिए पार्टी के लोगों को व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठना होगा।

यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य

मायावती ने कहा कि अब आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो स्वतंत्र हैं। उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। साथ ही उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं से विरोधियों के साम, दाम, दंड और भेद जैसे हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करने की अपील की।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से उत्तर प्रदेश में फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत से जुटने को कहा। मायावती ने कहा कि बसपा का लक्ष्य ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति पर आधारित ऐसी सरकार बनाना है, जिसमें मजबूत कानून-व्यवस्था और बेहतर विकास प्राथमिकता हो।

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