नई दिल्ली : जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही कथित फर्जी और भ्रामक सूचनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन से जुड़ी कई झूठी खबरें, एडिटेड वीडियो, डीपफेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार की गई सामग्री सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित की जा रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसी सामग्री का उद्देश्य लोगों को गुमराह करने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना हो सकता है।
केंद्रीय जिला के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि जंतर-मंतर पर पिछले कई सप्ताह से प्रदर्शन चल रहा है। इस दौरान इंस्टाग्राम सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में पोस्ट, वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं। हालांकि, पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर मौजूद हर सामग्री को सही और प्रमाणिक नहीं माना जा सकता।
डीसीपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी पोस्ट, वीडियो या तस्वीर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के किसी सामग्री को आगे साझा करने से अफवाह फैल सकती है और इसका असर कानून-व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी खबरों, डीपफेक वीडियो, एडिटेड क्लिप और भ्रामक पोस्ट की पहचान कर लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने दावा किया कि जांच के दौरान पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट भी प्रदर्शन से जुड़ी कथित फर्जी सामग्री फैलाने में सक्रिय पाए गए। संबंधित एजेंसियों के सहयोग से अब तक 400 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, इनमें कुछ ऐसे अकाउंट भी शामिल हैं, जो इससे पहले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान कथित दुष्प्रचार फैलाने में सक्रिय पाए गए थे।
प्रेस वार्ता में दिल्ली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों को लेकर भी अहम जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, ऐसे मामलों की प्रभावी जांच के लिए क्राइम ब्रांच में डीसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया गया है। यह टीम स्पेशल सीपी (क्राइम) की निगरानी में काम करेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों की जांच करेगी।
दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें। पुलिस ने कहा कि केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा किया जाए और किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सामग्री को आगे प्रसारित करने से बचा जाए। पुलिस के इस कदम के बाद अब सोशल मीडिया पर फर्जी कंटेंट फैलाने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।

