मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में सामने आए चर्चित ‘स्नेक मर्डर केस’ में पुलिस की जांच के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में स्कूल संचालक अतुल कुमार की जहरीले सांप से डसवाकर हत्या करने की साजिश का पुलिस पहले ही पर्दाफाश कर चुकी है। इस मामले में मृतक की पत्नी दामिनी, उसके कथित प्रेमी तुषार और दो सपेरों समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब जांच में सामने आए नए तथ्यों ने इस हत्याकांड को और भी सनसनीखेज बना दिया है।
पुलिस के अनुसार, बहसूमा थाना क्षेत्र के भंडोरा गांव निवासी अतुल कुमार अपनी पत्नी दामिनी और छह वर्षीय बेटे के साथ हस्तिनापुर की शकुंतला कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। दोनों ने सात साल पहले प्रेम विवाह किया था और पिछले चार वर्षों से ‘कृष्ण किड्स प्ले स्कूल’ का संचालन कर रहे थे। 17 जुलाई की सुबह अतुल अपने कमरे में मृत मिले। शुरुआत में दामिनी ने दावा किया कि रात में सांप ने काट लिया, लेकिन मृतक के परिजनों ने इस कहानी पर शक जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने जब फोरेंसिक जांच और मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो पूरा मामला सामने आ गया। जांच के मुताबिक, दामिनी का स्कूल वैन चालक तुषार उर्फ निक्की के साथ प्रेम संबंध था। दोनों शादी करना चाहते थे और अतुल उनके रास्ते की सबसे बड़ी बाधा था। पुलिस का कहना है कि अतुल के नाम पर लगभग 20 लाख रुपये का जीवन बीमा भी था, जिस पर आरोपियों की नजर थी।
जांच में यह भी सामने आया कि हत्या से करीब 20 दिन पहले तुषार ने अतुल को कार से टक्कर मारकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन हेलमेट पहनने के कारण वह बच गया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दो सपेरों से जहरीले करैत सांप की व्यवस्था की। पुलिस का आरोप है कि वारदात वाली रात दामिनी ने अतुल के खाने या दूध में नींद की गोलियां मिला दीं। जब वह गहरी नींद में चला गया तो तुषार और सपेरे घर पहुंचे और बिस्तर में जहरीला सांप छोड़ दिया, जिसने अतुल को डस लिया।
इस मामले में दामिनी के भाई ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दामिनी से अब परिवार का कोई संबंध नहीं है और उनके लिए वह उसी दिन मर चुकी है। वहीं, अतुल के बड़े भाई ने पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा जताते हुए सभी आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडे ने बताया कि आरोपियों ने हत्या को सामान्य सर्पदंश का मामला दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन परिजनों की आशंका और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरा षड्यंत्र सामने आ गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी दामिनी और तुषार ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार किया है। फिलहाल चारों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

