लखनऊ : सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को सौहार्द बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बनाना चाहिए। वहीं कांग्रेस ने भी कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताते हुए इसे काला दिन बताया है।
शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर लखनऊ स्थित एलपीएस स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश यादव शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित किया और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने सहारनपुर के मस्जिद विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जिन्होंने रामधन की डकैती की है और आस्था के पैसे की चोरी की है, वे घबराए हुए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा वही पार्टी है, जिसने अपने पहले अध्यक्ष बनने के समय सबसे ज्यादा चंदा मुस्लिम लोगों से लिया था।
सपा अध्यक्ष ने धार्मिक सौहार्द को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सच्चे सनातनी हमेशा सौहार्द पसंद करने वाले होते हैं। उनके मुताबिक, समाज में शांति और भाईचारा बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और इसे सरकार की प्राथमिकता भी होना चाहिए।
अखिलेश ने कहा कि सच्चा सनातनी कभी दूसरे धर्म को ठेस नहीं पहुंचाता और न ही किसी की आस्था के साथ खिलवाड़ करता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस ने कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे काला दिन करार दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
मस्जिद विवाद के बाद अब यह मुद्दा प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है। विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन न्यायालय के आदेश के तहत कार्रवाई किए जाने की बात कह रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

