प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के करीब 36 साल पुराने मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे इम्तियाज को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उसकी दोषसिद्धि को खारिज करते हुए संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 34 के तहत किसी व्यक्ति को हत्या का दोषी ठहराने के लिए केवल मौके पर मौजूद होना या मृतक को पकड़ने जैसी भूमिका पर्याप्त नहीं है। साझा मंशा, पूर्व योजना और सह-आरोपी के साथ मिलीभगत को साबित करने के लिए ठोस…
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