नई दिल्ली : संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित करते हुए देश की आर्थिक प्रगति, संसद की गरिमा और विकास के एजेंडे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह मानसून सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी कर रही है। प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से सकारात्मक सोच के साथ संसद की कार्यवाही में भाग लेने और देशहित में सार्थक चर्चा करने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मानसून और मानसून सत्र दोनों ही देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यदि दोनों सक्रिय और सकारात्मक हों तो देश के विकास को नई गति मिलती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर आवाज का सम्मान होना चाहिए और संसद विचार-विमर्श का सबसे बड़ा मंच है। उन्होंने सांसदों से पूरे उत्साह के साथ सदन की कार्यवाही में भाग लेने का आग्रह किया।
पीएम मोदी ने कहा, “जहां तथ्य और तर्क होते हैं, वहां तूफान के लिए कोई जगह नहीं होती।” उन्होंने कहा कि संसद में अनुभवी सांसद मौजूद हैं और उनके अनुभव का लाभ देश को मिलना चाहिए। उनके अनुसार, देश के युवाओं की आकांक्षाएं तेजी से बढ़ रही हैं और संसद की जिम्मेदारी है कि वह विकास की इस गति को और मजबूत बनाए।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध जैसी स्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक और रसायनों की उपलब्धता को लेकर कई चुनौतियां सामने आईं। इसके बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की। उन्होंने कहा कि यह भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था और आत्मविश्वास का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार है और इसी का परिणाम है कि देश के युवा नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में राजस्थान में समर्पित की गई ऑयल रिफाइनरी, तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़े कदम हैं। उन्होंने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली इंजनों वाली और अपनी श्रेणी की सबसे लंबी ट्रेनों में शामिल है।
स्पेस सेक्टर में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘स्काईरूट’ स्टार्टअप की टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है, जिसने अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, नवाचारकर्ताओं और युवाओं की प्रतिभा का प्रमाण है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की वैश्विक पहचान लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद में सकारात्मक चर्चा और सहयोग से देश विकास की नई ऊंचाइयों को छूएगा तथा युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।

