सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी करीब 70 साल पुरानी मस्जिद पर प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के बाद राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की जमीनी हकीकत जानने के लिए एक विशेष जांच दल सहारनपुर भेजने का फैसला किया है।

रविवार को 22 सदस्यीय सपा प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर पहुंचेगा। टीम कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद से जुड़े पूरे मामले की जानकारी जुटाएगी और प्रशासनिक कार्रवाई के कारणों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर सामने आए तथ्यों की पड़ताल करेगी। सपा का यह जांच दल मौके पर पहुंचकर संबंधित लोगों से बातचीत कर सकता है। साथ ही मस्जिद से जुड़े दस्तावेज, प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी जुटाई जाएगी। पार्टी की ओर से तैयार की जाने वाली जांच रिपोर्ट को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी हाईकमान को सौंपा जाएगा।
आपको बता दें कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन की ओर से इसे सार्वजनिक परिसर में अवैध कब्जे से जुड़ा मामला बताया गया, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से मस्जिद के पुराने होने और उसके धार्मिक उपयोग का हवाला दिया जाता रहा है। न्यायिक प्रक्रिया के बाद प्रशासन ने शनिवार तड़के मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की है। कार्रवाई के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए थे और भारी पुलिस बल के साथ आरएएफ तथा अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से निर्माण को हटाया गया।
मामले में प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई। वहीं विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई की टाइमिंग और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। मस्जिद प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी ने अब इसे राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश यादव के निर्देश पर भेजे जा रहे 22 सदस्यीय दल को पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
सपा का जांच दल यह भी देखेगा कि मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत कैसे हुई, प्रशासन ने किन आधारों पर कार्रवाई की और न्यायालय में मामले की क्या स्थिति रही। इसके अलावा स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों से बातचीत कर उनकी शिकायतों और दावों को भी रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है।
सहारनपुर पहुंचने के बाद सपा प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट पार्टी के लिए आगे की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर हमलावर रुख अपना सकती है। मस्जिद पर कार्रवाई के बाद सहारनपुर में सियासी हलचल तेज है। अब सभी की निगाहें 22 सदस्यीय सपा जांच दल के दौरे और उसकी रिपोर्ट पर टिकी हैं। प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह मामला विधानसभा से लेकर सड़क तक और अधिक राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।

