हरिद्वार : भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हरिद्वार में आयोजित किसान महापंचायत में केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जब सरकार तक लोगों की आवाज नहीं पहुंचती, तब आंदोलन करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को उठाना हर नागरिक का अधिकार है और उस पर बल प्रयोग उचित नहीं है।
हरिद्वार के श्यामपुर कांगड़ी में आयोजित भारतीय किसान यूनियन टिकैत की महापंचायत में वन गुर्जरों के अधिकारों और जंगलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। महापंचायत में शामिल होने पहुंचे राकेश टिकैत का बहादराबाद टोल प्लाजा पर किसानों ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मीडिया से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि वन गुर्जरों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय किसान यूनियन पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऋषिकेश क्षेत्र में जिस तरह जंगलों की कटाई हो रही है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जंगलों से जुड़े लोगों के अधिकारों का किसी भी कीमत पर हनन नहीं होने दिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया देते हुए टिकैत ने कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्रों पर बल प्रयोग गलत है। उन्होंने कहा, “जब सरकार तक आवाज नहीं पहुंचती, तब आंदोलन होते हैं। आंदोलनों में लाठीचार्ज होने के बाद ही कई बार आंदोलन और मजबूत होकर सफल होते हैं।” उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार संवेदनशील हो तो अनशन से भी समाधान निकल सकता है, लेकिन जब सरकार जनता की बात नहीं सुनती, तब आंदोलन ही रास्ता बनता है।
उत्तराखंड की राजनीति पर भी राकेश टिकैत ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2027 से पहले ही नवंबर या दिसंबर 2026 में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। साथ ही उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष चुनाव कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आगामी कांवड़ यात्रा को लेकर टिकैत ने प्रशासन और श्रद्धालुओं दोनों से अपील की। उन्होंने कहा कि हरिद्वार आने वाले शिवभक्तों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं होनी चाहिए। वहीं, कांवड़ियों से भी उन्होंने भारी कांवड़ लेकर यात्रा न करने की अपील करते हुए कहा कि इससे अनावश्यक परेशानियां बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होनी चाहिए।
संसद में पेश विधेयक और वंदे मातरम को लेकर पूछे गए सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि जो भी व्यक्ति इस देश में रहता है, उसे वंदे मातरम बोलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इसे राष्ट्र के सम्मान और देशभक्ति से जुड़ा विषय बताया।

