सहारनपुर : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ताऊ-ताई की करोड़ों की संपत्ति हड़पने का मामला सामने आया है। एक दिव्यांग व्यक्ति ने अपने ताऊ-ताई की संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उसके चचेरे भाई ने ताऊ-ताई के निसंतान होने का फायदा उठाया है। चचेरे भाई ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर संपत्ति हड़प ली। आरटीआई में फर्जी दस्तावेजों का खुलासा हुआ है। जिसमें चचेरे भाई का पूरा परिवार शामिल है।
मामला थाना मंडी इलाके के मोहल्ला मुफ्ती का है। जहां शहजादा खुर्रम ने थाने में तहरीर देकर बताया कि उसके ताऊ मोहम्मद अकरम और ताई हूर बानो के संतान नहीं है। जिसका फायदा उठाकर उसके चचेरे भाई मोहम्मद आजम और उसके बेटे मोहम्मद अरशद सिद्दीकी ने फर्जी दस्तावेज बनवाकर विरासत हड़प ली। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसके ताऊ मोहम्मद अकरम की 11 अप्रैल 2021 को और ताई हूर बानो की 30 जनवरी 2022 को बीमारी के चलते मौत हो गई। उनकी संतान न होने की वजह से उनकी संपत्ति पर परिवार के सभी लोग हक जता रहे थे।
आरोप है कि मोहम्मद अकरम के भतीजे मो. आजम ने अपने बेटे मोहम्मद अरशद को अपने चाचा का बेटा बताकर न सिर्फ फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया, बल्कि नगर निगम व अन्य दफ्तरों में दस्तावेजों में हेराफेरी कर उत्तराधिकार प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। जब इस बाबत शहजादा खुर्रम को पता चला तो उसे शक हुआ और आरटीआई के जरिए साक्ष्य जुटाए। आरटीआई में मिले दस्तावेजों से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। नगर निगम के पत्र संख्या 267 दिनांक 30 अप्रैल 2025 के अनुसार मोहम्मद अरशद ने जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन में अपने पिता का नाम अकरम व माता का नाम हूर बानो दर्शाया, जबकि गवाही देने वाली दाई अल्लादी की मौत मोहम्मद अरशद के जन्म से पहले ही हो चुकी थी।
इस बात को खुद गवाह आलमगीर अजहर ने भी स्वीकार किया कि उससे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे और उसने कभी भी मोहम्मद अरशद के माता-पिता के बारे में झूठी गवाही नहीं दी। वहीं शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मोहम्मद अरशद का दाखिला वर्ष 2004-05 में सेंट मेरीज स्कूल पिलखनतला में हुआ था, जिसमें उसके पिता का नाम मोहम्मद आजम दर्ज है। आजम ने अपनी पत्नी की बीमारी के दौरान मौत से ठीक 13 दिन पहले यानी 17 जनवरी 2025 को वसीयत तैयार की थी। जिसे 30 जनवरी 2022 को उप पंजीयक कार्यालय में पंजीकृत कराया गया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस वसीयत और फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर मोहम्मद अरशद ने पांच अलग-अलग डीड बनवाकर अपने ताऊ-ताई की संपत्ति अपने नाम करवा ली। इन डीड में हंजला, फातिमा बेगम, मोहम्मद साजिद और मुरसलीन जैसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गवाही पर संपत्ति बेची गई। इन डीड की तारीख 10 फरवरी 2023, 16 फरवरी 2023, 29 मई 2023, 10 मई 2023 और 02 जून 2023 बताई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संपत्ति में करीब डेढ़ किलो सोना, ढाई किलो चांदी, बैंक खातों में जमा पैसा और नकदी शामिल है, जिसे मोहम्मद अरशद और मोहम्मद ने खुर्द-बुर्द कर दिया। आजम ने बिना बंटवारा किए ही संपत्ति हड़प ली।
13 मई 2025 को जब प्रार्थी व अन्य वारिसों ने उनसे संपत्ति बंटवारे की बात की तो दोनों ने गाली-गलौज की और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि शिकायतकर्ता शहजादा खुर्रम की तहरीर पर थाना मंडी में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत कर्ता के मुताबिक इस पूरी साजिश व जालसाजी में शामिल सभी लोगों मोहम्मद आजम, मोहम्मद अरशद, सईद सिद्दीकी, हंजला, फातिमा बेगम, मोहम्मद साजिद, मुरसलीन होना बताया गया है। मामले की जांच की जा रही है।