रासुका के नाम पर नागरिक को मनमाने ढंग से जेल में नहीं रखा जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

Ban on offering congregational prayers in private spaces

प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मजदूरों के आंदोलन से जुड़े एक मामले में छात्रा आकृति चौधरी की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत हिरासत को रद्द कर दिया। कोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि रासुका जैसी असाधारण कार्रवाई का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को जमानत मिलने के बावजूद जेल में बनाए रखने के विकल्प के तौर पर नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आरोप, अनुमान, पूर्वाग्रह या अटकलों के आधार पर नागरिक की स्वतंत्रता नहीं छीनी जा सकती। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन…

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